अलंकरण

पट्टी स्तर पर समाज कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प़ोत्साहन एवं सम्मान देने के उद्देश्य से "विकास मण्डल" ने 1957-58 में प़थम बार अलंकरण देने का निर्णय लिया। जो शुरुआत में विकास-रत्न, विकास भूषण के नाम से जाने जाते थे।

तदुपरांत अलंकरणो को खाटली विकास के सदस्यों तक ही सीमित न रखकर पट्टी स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में पट्टी खाटली के मूल निवासियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाने लगा। अलंकरण प़शस्ति पत्र से प्रारम्भ होकर खाटली भूषण तथा सर्वोच्च खाटली रत्न था।

सन् 2011 मे संविधान संशोधन समिति के दिशा निर्देश के अनुसार: समाज कल्याण, साहित्य, शिक्षा, खेल-कूद, सांस्कृतिक, पर्यावरण, थार्मिक, संगीत-कला, राष्ट्रीय एकता एवं वीरता आदि क्षेत्रों में विशेष कार्यों के लिए अलंकृत किया जायेगा।

अलंकरण श्रेणी: (i)खाटली रत्न, (ii) खाटली विभूषण एवं (iii) खाटली भूषण हैं।

"पट्टी खाटली सामाजिक विकास मण्डल, दिल्ली" अपने स्थापना काल से ही पट्टी के साथ साथ क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय विकास के लिए समर्पित है। अपने मजबूत संगठन एवं प्रवासी बन्धुओं के सहयोग से आज "विकास मण्डल" अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण करने पर "हीरक जयंती समारोह" मनाने जा रहा है। हम नत मस्तक हैं उन महान विभूतियों के प्रति जिन्होंने 'विकास मण्डल' रूपी वटवृक्ष का रोपण किया।